Introductory Sanskrit: Grammar
Shri Lal Bahadur Shastri Rashtriya Sanskrit Vidyapeeth and UGC via Swayam
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1. यह सर्व विदित है कि जैसे लोकव्यवहार का प्रमुख साधन भाषा है वैसे यह भी स्थापित सत्य है कि विश्व की प्रायः सभी भाषाओं में संस्कृत प्राचीन एवं संरचना की दृष्टि से वैज्ञानिक भाषा है। जिसकी शब्द सम्पन्नता एवं अभिव्यञ्जन सामर्थ्य अद्भुत है।2. व्याकरण संस्कार से युक्त होने का कारण यह संस्कृत के नाम से जानी जाती है। 3. भारतीय ऋषियों ने इसके ज्ञानपूर्वक प्रयोग में भी पुण्योत्पादकता स्वीकार की है। 4. भाषा का संस्कृतत्त्व तपःपूत महर्षियों के वैज्ञानिक व्याकरण की अनुशासन भित्ति पर आधारित है। प्रयोगार्ह पद दो प्रकार के होते है – सुबन्त एवं तिङन्त। सामान्यतः वाक्यों में सुबन्त अधिक एवं तिङन्त कम उपलब्ध होते है। 5. सुप्-प्रत्ययों की प्रकृति प्रातिपदिक भी दो प्रकार के होते है – कुछ आधुनिक नाम जैसे व्युत्पन्न और कुछ अव्युत्पन्न। व्युत्पन्नों में कुछ धातुप्रकृतिक कृदन्त होते हैं। 6. कृत्प्रत्ययों में कुछ ण्वुल्, तृच् आदि सार्वकालिक प्रत्यय; शतृ, शानच् जैसे वर्तमानकालिक प्रत्यय; क्त, क्तवतुजैसे भूतकालिक प्रत्यय तथा कुछ भविष्यत्कालिक प्रत्यय होते है।7. ‘सर्वं वाक्यं क्रियया परिसमाप्यते’ यह उक्ति वाक्य में तिङन्त पद की महिमा स्पष्ट करती है। 8. इसके यथार्थ परिज्ञानार्थ गणों के अनुसार विभक्त विविध धातुओं के अर्थाधारित सकर्मकाकर्मक स्वरूप को जानना, उसके आत्मनेपदी परस्मैपदी तथा उभयपदी होने का निर्धारण करना अपेक्षित होता है।9. भाषा दक्षता के वाच्यप्रबोधार्थ कर्ता कर्म एवं भाव में लकारों का प्रयोग प्रशिक्षण आवश्यक होता है।10. इस प्रकार व्याकरण संस्कार से पुष्ट संस्कृत भाषा का परिचय कराने हेतु यह पाठ्यक्रम ‘परिचयात्मकसंस्कृतं व्याकरणं च’ को प्रस्तुत किया जा रहा है॥
Syllabus
सप्ताह 1 :
संस्कृतभाषा का महत्त्व( Importance of Sanskrit Language )
सप्ताह 2 :
संस्कृत शास्त्रों का परिचय( Introduction of Sanskrit Shastras )
सप्ताह 3 :
सन्धि, स्वादिसन्धि( Combination, Swadi Combination )
सप्ताह 4 :
सन्धि अनुवर्तित( ContinioueCombination )
सप्ताह 5 :
स्त्री प्रत्यय( Stri Suffixes)
सप्ताह 6 :
समास( Compounds)
सप्ताह 7 :
तद्धित प्रत्यय( Taddhit Suffixes)
सप्ताह 8 :
Assignments
सप्ताह 9 :
तिङन्त( Tiganta )
सप्ताह 10 :
तिङन्त अनुवर्तित( Tigant Anuvartit )
सप्ताह 11 :
सनाद्यन्तधातु ( Sanadhyant Dhatu)
सप्ताह 12 : ( Process of Atmanepada- Parasmaipada )
आत्मनेपद-परस्मैपदप्रक्रिया
सप्ताह 13 :
लकारार्थप्रक्रिया( Process of Lakarartha )
सप्ताह 14 :
कृदन्त( Kridanta )
सप्ताह 15 :
Assignments
संस्कृतभाषा का महत्त्व( Importance of Sanskrit Language )
सप्ताह 2 :
संस्कृत शास्त्रों का परिचय( Introduction of Sanskrit Shastras )
सप्ताह 3 :
सन्धि, स्वादिसन्धि( Combination, Swadi Combination )
सप्ताह 4 :
सन्धि अनुवर्तित( ContinioueCombination )
सप्ताह 5 :
स्त्री प्रत्यय( Stri Suffixes)
सप्ताह 6 :
समास( Compounds)
सप्ताह 7 :
तद्धित प्रत्यय( Taddhit Suffixes)
सप्ताह 8 :
Assignments
सप्ताह 9 :
तिङन्त( Tiganta )
सप्ताह 10 :
तिङन्त अनुवर्तित( Tigant Anuvartit )
सप्ताह 11 :
सनाद्यन्तधातु ( Sanadhyant Dhatu)
सप्ताह 12 : ( Process of Atmanepada- Parasmaipada )
आत्मनेपद-परस्मैपदप्रक्रिया
सप्ताह 13 :
लकारार्थप्रक्रिया( Process of Lakarartha )
सप्ताह 14 :
कृदन्त( Kridanta )
सप्ताह 15 :
Assignments
Taught by
Prof Jaikant Singh Sharma